सवारी मार्ग बदला तो जहां से सवारी निकलेगी वहां धरना देंगे

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अखिल भारतीय युवक हिंदू महासभा और मध्य प्रदेश युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास ने मध्य प्रदेश सरकार को दी चेतावनी 


 


 


उज्जैन। इतिहास में पहली बार भगवान महाकाल की पालकी का मार्ग बदल दिया गया है, इसके विरोध में हिंदू महासभा और गोरक्षा न्यास अपना विरोध लगातार दर्ज करा चुकी है। कावड़ यात्रियों की बैठक बुलाकर मंदिर समिति द्वारा उनको यह कहा गया कि इस साल महाकाल मंदिर प्रबंध समिति कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाती है और मीडिया में यह बयान जारी करती है कि कावड़ यात्रा समिति ने यह निर्णय लिया है कि इस साल वह कावड़ यात्रा नहीं निकालेंगे। हिंदू महासभा और गोरक्षा न्यास ने कावड़ यात्रा समिति से संपर्क किया तो पता चला कि महाकाल मंदिर समिति ने हमें अनुमति देने से इंकार कर दिया है। दूसरी ओर भगवान महाकाल की पालकी का मार्ग बदलकर लाखों शिव भक्तों की भावना के साथ खिलवाड़ हुआ है। 


 


 


महासभा प्रदेश अध्यक्ष मनीषसिंह चौहान ने बताया कि अखिल भारत युवक हिंदू महासभा और मध्य प्रदेश युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास की प्रांतीय बैठक गुरूवार को हुई। जिसमें निर्णय लिया कि 4 जुलाई तक अगर निर्णय नहीं बदला गया तो 5 जुलाई को मध्यप्रदेश में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा और जिस मार्ग से सवारी जाएगी सवारी मार्ग में धरना दिया जाएगा। बैठक में रतलाम, इंदौर, छतरपुर, गुना, बीना, राजगढ़, ग्वालियर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, उज्जैन, आगर, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, झाबुआ, धार, खरगोन, खंडवा सहित मध्यप्रदेश के समस्त जिला अध्यक्ष और संभागीय अध्यक्ष मौजूद रहे। सभी ने कहा कि सभी संपूर्ण मध्यप्रदेश में एक साथ विरोध दर्ज कराया जाएगा।