नकद भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने मंडी में किया हंगामा, दो घंटे तक प्रभावित रहा खरीदी का कार्य

हंगामें के दौरान मौजूद किसान।


 


- अधिकारियों ने बैठक कर समस्या का समाधान किया।


 


 


शाजापुर। बेची गई उपज का आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किए जाने का किसानों ने विरोध करते हुए मंडी में जमकर हंगामा कर दिया। इस घटना के बाद व्यापारियों ने खरीदी का कार्य बंद कर दिया। वहीं मंडी प्रशासन ने किसान और व्यापारियों के बीच समझौता कराकर खरीदी का कार्य पुन: प्रारंभ कराया। प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी शाजापुर कृषि उपज मंडी में खरीदी का कार्य शुरू हुआ और करीब 25 ट्राली उपज किसानों से खरीदकर व्यापारियों ने भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से कर दिया। इसके बाद कुछ किसानों ने आरटीजीएस से भुगतान का विरोध करते हुए नकद भुगतान किए जाने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। हंगामें के बाद मंडी में खरीदी का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इस पूरे मामले में व्यापारियों का कहना था कि शासन के निर्देशानुसार आरटीजीएस करने का प्रावधान है इसलिए बड़ी राशि का नकद भुगतान नहीं कर सकते हैं। वहीं किसानों की मांग थी कि जब तक बेची गई उपज का पूरा भुगतान नकद नही किया जाता तब तक नीलामी नही होगी। किसान और व्यापारियों के बीच करीब दो घंटे तक गहमागहमी चलती रही। इसके बाद मंडी प्रशासन ने किसान और व्यापारियों के बीच नकद भुगतान को लेकर समझौता करा दिया जिसके बाद खरीदी का कार्य पुन: प्रारंभ किया गया। 


 


2270 क्विंटल गेहूं और 1400 बोरी सोयाबीन मंडी पहुंची


 


 


नकद भुगतान की मांग पर किसान और व्यापापरियों के बीच समझौता होने पर कृषि उपज मंडी में खरीदी का कार्य शुरू हुआ। मंडी से मिली जानकारी के अनुसार इस दिन मंडी में 1400 बोरी सोयाबीन की खरीदी की गई जिसके लिए किसानों को 3321 से 3580 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया गया। वहीं 2270 क्विंटल गेहूं की खरीदी 1678 से 2000 रुपए क्विंटल के दाम पर की गई। इसीके साथ 3 बोरी कांटा चना भी खरीदा गया जिसका भाव 3665 से 3835 रुपए क्विंटल रहा। साथ ही 14 क्विंटल डाल चना भी खरीदा गया और इसका भाव 4900 से 5200 रुपए क्विंटल रहा। मंडी में 31 बोरी मसूर की भी खरीदी की गई जिसके लिए किसानों को 5190 से 5445 रुपए क्विंटल के मान से किसानों को भुगतान किया गया।