प्रतीकात्मक चित्र
देवउठनी ग्यारस के बाद मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे
उज्जैन।।देवशयनी एकादशी के बाद से अब मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग गई है। अब 26 नवंबर को देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इस दिन से ही शहनाई बजेगी। करीब पांच माह तक देव सोए रहेंगे तथा अब 148 दिन बाद फिर से शहनाई गूंजेगी।
इस साल के सिर्फ 9 मुहूर्त ही शुभ है
नवंबर में 2 दिन और दिसंबर में 7 दिन के ही मुहूर्त रहेंगे। अब अगले वर्ष अप्रैल 2021 तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार करना होगा। पं. गोविंद शर्मा ने बताया 2021 में जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रहों के अस्त रहने पर मुहूर्त नहीं रहेंगे। अगले साल 46 दिन ही विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे ।
लोगों को बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त का इंतजार करना पड़ेगा
पं. शर्मा ने बताया अगले साल 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक 46 दिन ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 6, मई में 10, जून में 11, जुलाई में 6, नवंबर में 7 और दिसंबर में 6 दिन मुहूर्त रहेंगे। नवंबर, दिसंबर के शुभ मुहूर्त में विवाह नहीं करने वालों को बसंत पंचमी तक का इंतजार करना होगा। अगले साल 16 फरवरी को बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त है।
इस शुभ मुहूर्त ओं की तारीख बहुत कम है
पं. शर्मा के मुताबिक नवंबर में देवउठनी एकादशी के बाद 26 व 27 नवंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। अगले माह दिसंबर में 1, 2, 6, 7, 8, 9 व 11 तारीखों को ही विवाह के लिए मुहूर्त रहेंगे। इस तरह नवंबर-दिसंबर में देवउठनी एकादशी का दिन शामिल कर लिया जाए तो भी 10 दिन विवाह के मुहूर्त रहेंगे। उन्होंने बताया जिनके विवाह इन तिथियों में नहीं हो पाएंगे उन्हें चार माह बाद 22 अप्रैल 2021 तक इंतजार करना पड़ेगा, हालांकि 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त वाला दिन होने के कारण विवाह भी हो सकते हैं।