(म.प्र). : तनोडिया। समीपस्थ ग्राम सुठेली के जंगल में बुधवार रात फिर जंगली जानवर देखे जाने की खबर से ग्रामीणों में दहशत छा गई । पिछले दिनों जंगल में कुआं पर सिंचाई करने के दौरान रात्रि में लोगों ने जंगली जानवर को देखने की बात कर रहे थे। मंगलवार रात और बुधवार सुबह सुठेली के ग्रामीण राजेश और कालू राम ने जंगली जानवर देखे जाने की बात कही।
जानवर के होने की खबर मिलते ही लोगों ने पिछले एक सप्ताह से खेतों और कहां पर सोना बंद कर दिया है। एक सप्ताह पूर्व भी जानवर की खबर होने की सूचना पर वन विभाग का अमला जंगल में पहुंचा था। और पड़ताल की थी। पग मार्ग लकड़बग्घा के होने की बात कह रहे हैं। गुरुवार को भी सूचना पर डिप्टी रेंजर अशोक देवड़ा के साथ वन विभाग के राजेंद्र शर्मा. पदम परमार.छगन परमार.विपिन शर्मा ये 4 कर्मचारियों की टीम सुठेली के आसपास के जंगलों में पहुंची। और ग्रामीणों द्वारा बताई हुई जगह पर सर्चिंग भी की लेकिन कहीं कोई साक्ष्य नहीं मिला।
ग्रामीण द्वारा जो पाद मार के बताए गए उसे भी वन विभाग लकड़बग्घे के होना बता रहा है। किसान व पुर्व मंडी उपाध्यक्ष नरेन्द्रसिंह राठौर ने बताया कि सुठेली के जंगलों में 2015 में तेंदुआ पकड़ा गया था। वही पिछले 2 सप्ताह से जानवर को देखे जाने की खबरों से लोग भयभीत है। वही पिछले 4 दिनों से ग्रामीणों द्वारा जानवरों को देखे जाने की खबर से भय का माहौल बना हुआ है।
किसानों ने गुरुवार सुबह जानवर को देखे जाने के बाद वन कर्मियों को बताएं और कहा कि कि पिछले एक सप्ताह से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नील गायों का आवागमन भी बंद है। वहीं अन्य कई ग्रामीणों ने जानवर की दहाड़ भी सुने जाने की बात कहकर रात में कुओं पर सोना बंद कर दिया। कुछ ही दुरी पर उज्जैन जिले के सातमोरी के आस पास ग्राम गुनाखेंडी के किसानों ने शुक्रवार को सुबह कुएं पर स्थित मकान की छत पर चढकर आखों से देखा। बताया जा रहा है कि तेदुआ जैसा दिख रहा हैं।फिर वन विभाग की टीम शुक्रवार को दिनभर सर्चिग भी की लेकिन आज भी कोई साक्ष्य नही मिला। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि टीम को निर्देश देकर घेराबंदी कर उस जानवर को पकडा जाए।